Rohilkhand Cancer Institute

ब्लड कैंसर मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण

ब्लड कैंसर मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण

रोहिलखंड कैंसर इंस्टीट्यूट: ब्लड कैंसर मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण

ब्लड कैंसर (रक्त कैंसर) उन गंभीर बीमारियों में से एक है, जिसकी पहचान और सही समय पर इलाज बेहद ज़रूरी होता है। कई बार मरीज और उनके परिजन इस बीमारी के नाम से ही घबरा जाते हैं, लेकिन आज आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी से ब्लड कैंसर का इलाज पहले से कहीं अधिक सफल और प्रभावी हो चुका है।

ब्लड कैंसर क्या है?

ब्लड कैंसर असल में रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। इसमें शरीर में असामान्य श्वेत रक्त कोशिकाएं (WBCs) बनने लगती हैं, जो धीरे-धीरे बोन मैरो (अस्थि मज्जा) और रक्त के सामान्य कामकाज को प्रभावित करती हैं। इसके प्रमुख प्रकार हैं:

ब्लड कैंसर क्या है? ब्लड कैंसर का कारण क्या है? आइए जानें…! ब्लड कैंस एक प्रकार का कर्करोग या ट्यूमर है। ब्लड कैंसर रक्त(Blood), अस्थि मज्जा(bone marrow), लसीका(lymph node) और लसीका प्रणाली(Lymphatic system) को प्रभावित करता है। कभी-कभी शरीर के एक से अधिक हिस्से में क्षति पोहचाता है।ल्यूकेमिया रक्त कैंसर का एक समूह है। जो आमतौर पर अस्थि मज्जा(bone marrow) में शुरू होता है।

  • ल्यूकेमिया
  • लिंफोमा

  • मल्टीपल मायलोमा

1) ल्यूकेमिया(Leukemia)

ल्यूकेमिया रक्त का कैंसर है और यह अस्थि मज्जा में बनता है। जब शरीर बहुत अधिक असामान्य श्वेत रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करता है। और यह कैंसर तब होता है जब अस्थि मज्जा लाल रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स बनाने की अपनी क्षमता में हस्तक्षेप करता है।

2) लिंफोमा(Lymphoma)

हॉजकिन लिंफोमा एक रक्त कैंसर है जो लिम्फोसाइट्स नामक कोशिकाओं से लसीका तंत्र में विकसित होता है। हॉजकिन लिंफोमा की विशेषता रीड-स्टर्नबर्ग कोशिका नामक एक असामान्य लिम्फोसाइट की उपस्थिति है।

3) मायलोमा Myeloma)

मल्टीपल मायलोमा एक रक्त कैंसर है जो रक्त की प्लाज्मा कोशिकाओं में शुरू होता है, जो अस्थि मज्जा में बनी एक प्रकार की सफेद रक्त कोशिका होती है।

रक्त कैंसर के कारण (Causes of Blood Cancer)

ब्लड कैंसर कैसे होता है?/ ब्लड कैंसर के कारण

1) लंबे समय तक शरीर में संक्रमण(Infection) रहने से ब्लड कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है।

2) अगर किसी व्यक्ति का इम्यून सिस्टम(Immune System) कमजोर है तो उसे ब्लड कैंसर हो सकता है।

3) एचआईवी(HIV) और एड्स(AIDS) जैसे संक्रमण प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देते हैं, और बाद में ब्लड कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।

4) अन्य प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली रेडिएशन थेरपी की उच्च खुराक रक्त कैंसर का कारण बन सकती है।

ब्लड कैंसर किसी को भी हो सकता है और ब्लड कैंसर सबसे आम कैंसर है। जब ब्लड कैंसर होता है, तो कैंसर सेल्स शरीर में रक्त नहीं बनाने का कारण बनती हैं।इससे शरीर में खून की कमी महसूस होती है। ल्यूकेमिया(Leukemia) अस्थि मज्जा(Bone Marrow) पर भी हमला करता है। और खून की कमी से इंसान की मौत हो जाती है.

रक्त कैंसर के लक्षण (Symptoms of Blood Cancer)

  • खांसी या सीने में दर्द,
  • सांस लेने में तकलीफ,
  • बार-बार संक्रमण होना,
  • आसानी से चोट लगना या खून बहना,
  • बुखार,
  • ठंड लगना,
  • लगातार थकान,
  • कमजोरी,
  • भूख न लगना,
  • जी मिचलाना,
  • वजन कम होना,
  • रात को पसीना आना,
  • हड्डी/जोड़ों का दर्द,
  • पेट की परेशानी,
  • सिरदर्द,
  • खुजली या त्वचा पर दाने,
  • गर्दन, बगल या जांघों में सूजन

ब्लड कैंसर मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण

रक्त कैंसर का निदान (Diagnosis of Blood Cancer)

डॉक्टर आमतौर पर एक विस्तृत शारीरिक परीक्षण करते हैं और लक्षणों का इतिहास नोट करते हैं।
प्रयोगशाला परीक्षण, अस्थि मज्जा अध्ययन और इमेजिंग अध्ययन रक्त कैंसर के उपप्रकार के निदान और पहचान में उपयोगी होते हैं।

ब्लड कैंसर के निदान के तरीके (Methods of Diagnosing Blood Cancer)

1. शारीरिक परीक्षण (Physical Examination)

आपका डॉक्टर रक्त कैंसर के शारीरिक लक्षणों पर गौर करेगा जैसे कि एनीमिया के कारण पीली त्वचा, आपके लिम्फ नोड्स की सूजन, और आपके यकृत और प्लीहा का बढ़ना।

2. प्रयोगशाला परीक्षण (Laboratory Examination)

  • फ्लो साइटोमेट्री उनकी विशिष्ट विशेषताओं के आधार पर कोशिकाओं पर या उनके अंदर मौजूद एंटीजन का पता लगाने में सहायता करती है। यह बीमारी की पुनरावृत्ति की निगरानी करने, कैंसर की सीमा का आकलन करने और चल रहे उपचार की प्रभावकारिता की जांच करने में भी मदद करता है।
  • साइटोकैमिस्ट्री, साइटोकेमिकल दागों के उपयोग से विभिन्न प्रकार के तीव्र रक्त कैंसर के निदान में मदद करती है।
  • विभिन्न रक्त कोशिकाओं की मात्रा और आकारिकी का अध्ययन करने के लिए पूर्ण रक्त गणना (सीबीसी) की आवश्यकता होती है।
  • रक्त कोशिकाओं का अधिक विस्तार से मूल्यांकन करने के लिए पेरिफेरल स्मीयर परीक्षा आवश्यक है।
  • समग्र स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए सहायक परीक्षणजैसे कोगुलेशनप्रोफ़ाइल, किडनी फ़ंक्शन परीक्षण, यकृत फ़ंक्शन परीक्षण(Liver Function Test) आदि आवश्यक हो सकते हैं।

3. अस्थि मज्जा अध्ययन एवं बायोप्सी (Bone Marrow Study and Biopsy)

  • अस्थि मज्जा बायोप्सी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें अस्थि मज्जा से कैंसर कोशिकाओं या ऊतक का एक नमूना निकालने के लिए एक सुई का उपयोग किया जाता है। यह इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री तकनीक का उपयोग करता है जो कैंसरग्रस्त ट्यूमर या ट्यूमर मार्करों में पाए जाने वाली असामान्य कोशिकाओं के निदान में मदद करता है।
  • अस्थि मज्जा आकांक्षा एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक महीन सुई की मदद से अस्थि मज्जा में द्रव भाग से एक नमूना लिया जाता है। यह कैंसर कोशिकाओं की जांच के लिए साइटोकैमिस्ट्री तकनीक का उपयोग करता है।
  • लिम्फ नोड एफएनएसी और बायोप्सी का उपयोग शरीर के विभिन्न हिस्सों में ट्यूमर का पता लगाने के लिए स्पर्श द्वारा या स्कैन के दौरान देखे गए शरीर के अंदर घावों या गांठों की जांच करने के लिए किया जाता है।

4. इमेजिंग अध्ययन

  • शरीर में रक्त कैंसर के लक्षणों की जांच के लिए पीईटी सीटी स्कैन (पूरे शरीर) किया जा सकता है ।
  • सीटी स्कैन न केवल कैंसर कोशिकाओं की उपस्थिति की जांच करने में मदद करता है बल्कि अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण जैसे रक्त कैंसर के उपचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • यदि आपके लक्षण ल्यूकेमिया की जटिलता का संकेत देते हैं तो आपका डॉक्टर छाती के एक्स-रे या चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई) स्कैन का आदेश दे सकता है।

5. लंबर पंचर

यह देखने के लिए कि क्या कैंसर मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास रीढ़ की हड्डी के तरल पदार्थ में फैल गया है, लंबर पंचर (जिसे स्पाइनल टैप भी कहा जाता है) का आदेश दिया जा सकता है।

ब्लड कैंसर टेस्ट नाम (Names of Blood Cancer Tests)
  • ब्लड टेस्ट (Blood tests).
  • बोन मैरो टेस्ट (Bone marrow tests).
  • इमेजिंग टेस्ट – सिटी स्कैन, पेट स्कैन और एक्स-रे (Imaging tests — CT scan, PET scan, and X-ray).
  • शारीरिक परीक्षण (Physical exam).
  • सर्जिकल लिम्फ नोड निकालना (Surgical lymph node removal to use in staging).

ब्लड कैंसर की स्टेजेस (Blood Cancer Stages)

मेटास्टेसिस के आधार पर कैंसर के चरणों को बांटा गया है। ब्लड कैंसर के लक्षणों और दर के अनुसार स्टेज को तय किया जाता है। मुख्य रूप से कैंसर के चार स्टेज होते हैं, जो निम्नलिखित प्रकार से है:-

  • स्टेज-1 : लिम्फोसाइट्स की संख्या अचानक बढ़ जाने के कारण लिम्फ नोड्स भी बढ़ जाते है। इस स्टेज में दूसरों की तुलना में कम खतरा होता है और इस स्टेज में कैंसर इलाज योग्य होता है क्योंकि मेटास्टेसिस का विकास इस स्टेज में पूरी तरह से शुरू नहीं होता है।
  • स्टेज-2 : इस स्टेज में, रोगी के शरीर के अंग जैसे स्पलीन, यकृत(लिवर) और लिम्फ नोड्स बढ़ जाते हैं। सभी अंग एक ही समय में प्रभावित नहीं होते हैं बल्कि कैंसर इन अंगों पर धीरे-धीरे हमला करता है।
  • स्टेज-3 : इस स्टेज में, रोगी एनीमिया का शिकार हो जाता है और स्पलीन, यकृत (लिवर) और लिम्फ नोड्स कैंसर से प्रभावित होने लगते हैं। इस स्टेज में दो से ज्यादा अंग निश्चित रूप से प्रभावित होते हैं।
  • स्टेज-4 : यह आखिरी स्टेज होती है जिसमें कैंसर का शरीर पर प्रभाव अत्यंत प्रभावित होता है और रोगी की मौत की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है क्योंकि ब्लड प्लेटलेट बहुत तेज़ी से गिरने लगती हैं। इस स्टेज में फेफड़ों के साथ-साथ और भी महत्वपूर्ण अंग कैंसर सेल्स से प्रभावित होने लगते हैं।

लक्षण जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है

  • लगातार थकान और कमजोरी

  • बार-बार संक्रमण होना

  • वजन का अचानक घटना

  • असामान्य रक्तस्राव या चोट के बाद देर से खून बंद होना

  • लिम्फ नोड्स का सूज जाना

अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना ज़रूरी है।

रक्त कैंसर का उपचार (Treatment of Blood Cancer)

ब्लड कैंसर का इलाज क्या है?

1) औषध चिकित्सा (Drug Therapy)

ब्लड कैंसर के शुरुआती चरण में दवाओं का उपयोग किया जाता है। इसका इलाज करने का यह सबसे आम तरीका है। रोगी को कुछ दवाएं दी जाती हैं, ताकि ये दवाएं कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोक सकें। और ब्लड कैंसर का इलाज आसानी से किया जा सकता है।

2) विकिरण चिकित्सा (Radiation Therapy)

विकिरण चिकित्सा रक्त कैंसर का भी इलाज करती है। लेकिन यह थेरेपी अक्सर विफल हो जाती है।

इस थेरेपी के असफल होने के बावजूद आज भी डॉक्टर इसका इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि यह थेरेपी एक प्रभावी प्रक्रिया है, जो ब्लड कैंसर के इलाज का एक अच्छा तरीका है।

3) कीमोथेरेपी (Chemotherapy)

रक्त कैंसर के इलाज के लिए डॉक्टर कीमोथेरेपी का भी उपयोग करते हैं। कैंसर कोशिकाएं कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं, ताकि वे शरीर के अन्य हिस्सों को प्रभावित न कर सकें।

4) मॉनिटरिंग

कभी-कभी रक्त कैंसर को ठीक करने के लिए निगरानी तकनीकों का भी उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया में शरीर की आंतरिक क्रियाओं को देखा जाता है, जिसके अनुसार मरीज का इलाज किया जा सकता है।

5) स्टेम सेल प्रत्यारोपण (Stem cell transplant)

यदि मरीज ठीक नहीं होता है तो स्टेम सेल ट्रांसप्लांट थेरेपी अंतिम चरण है। इसमें अस्थि मज्जा से स्टेम कोशिकाओं को निकालकर प्रत्यारोपित किया जाता है। एलोजेनिक हड्डी मरीज की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को दूसरे व्यक्ति की स्वस्थ कोशिकाओं से प्रत्यारोपित करती है। इसके लिए मरीज के परिवार के सदस्यों की कोशिकाएं ली जाती हैं ताकि मरीज की कोशिकाओं का मिलान परिवार के सदस्यों से किया जा सके।

रक्त कैंसर की जटिलताएँ (Complications of Blood Cancer)

  • किडनी ख़राब होना
  • एक्यूट माइलॉयड ल्यूकेमिया (एएमएल)
  • रक्त कैंसर के उपचार के कारण बांझपन
  • प्रारंभिक रजोनिवृत्ति
  • रक्तस्राव और चोट लगना (थ्रोम्बोसाइटोपेनिया)
  • ल्यूकोपेनिया (कम WBC)
  • न्यूट्रोपेनिया (कम न्यूट्रोफिल, डब्ल्यूबीसी का एक प्रकार)
  • लिम्फेडेमा (लिम्फ नोड्स की सूजन)
  • खून के थक्के

रक्त कैंसर के जोखिम कैसे कम करें? (Reducing the Risk of Blood Cancer)

आप एक स्वस्थ जीवन शैली का पालन करके कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं। यहां कुछ टिप्स की मदद से आप इसके जोखिम को कम कर सकते हैंः

  • कम से कम 30 मिनट तक रोजाना व्यायाम करने की आदत बनाएं
  • एंटीऑक्सिडेंट और पोषक तत्वों से भरपूर अच्छी तरह से संतुलित डाइट का पालन करें
  • अगर संभव हो तो कीटनाशक से दूर रहें
  • रेडिएशन के अत्यधिक संपर्क से बचें
  • बहुत सारा पानी पिएं (हर दिन कम से कम तीन लीटर)
  • अगर आप कैंसर से संबंधित किसी भी अस्पष्ट लक्षण का अनुभव करते हैं, तो अपने डॉक्टर के साथ उन पर चर्चा करें और तुरंत इलाज कराएं।

रक्त कैंसर में खाने की चीजें जिनसे बचना चाहिए (Foods to Avoid in Blood Cancer)

ब्लड कैंसर में इम्यूनिटी कमजोर हो जाने की वजह से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए, वही डाइट लें, जो शरीर के लिए फायदेमंद हो. ज्यादा मसाले, अल्कोहल, ज्यादा खट्टे फल आदि का सेवन करने से बचें.

रोहिलखंड कैंसर इंस्टीट्यूट की विशेषताएं

रोहिलखंड कैंसर इंस्टीट्यूट, बरेली ब्लड कैंसर के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाओं और अनुभवी ऑन्कोलॉजिस्ट्स की टीम के साथ मरीजों के लिए आशा की नई किरण बनकर उभरा है। यहां उपलब्ध हैं:

  • एडवांस डायग्नोसिस सुविधा (PET-CT, MRI, बायोप्सी आदि)

  • कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम

  • अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित कीमोथेरेपी व रेडियोथेरेपी

  • इम्यूनोथेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी जैसी आधुनिक तकनीकें

  • मरीजों और परिवार के लिए काउंसलिंग व सपोर्ट सिस्टम

उम्मीद से आगे बढ़ते कदम

ब्लड कैंसर अब सिर्फ डर का नाम नहीं रहा। सही समय पर डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट से मरीज लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। रोहिलखंड कैंसर इंस्टीट्यूट हर मरीज को व्यक्तिगत देखभाल और आधुनिकतम इलाज उपलब्ध कराने के लिए समर्पित है।

📍 Visit us: Rohilkhand Cancer Institute, Bareilly

📞 Contact:7891235003, 9258116087

🌐 Website: rohilkhandcancerinstitute.com

📍 Location: Rohilkhand Medical Collage And Hospitals Campus, Pilibhit Bypass Road -243006, Uttar Pradesh, India